यूरोप की चमचमाती सड़कें, साफ-सुथरी नदियां, शानदार इमारतें और समय पर दौड़ती ट्रेनें देखकर मन खुश हो जाता है। लगता है, बस यहीं बस जाएं! लेकिन, जैसे ही जेब से पैसे निकलने शुरू होते हैं, सपनों की दुनिया…

यमुना की बर्बादी पर सरकारी तंत्र बना मूक दर्शक

हसीन वादियों में प्रेम की धुन सुनाता है गीत ‘इन हसीं वादियों से...’

लड़ाई 'समोसा' और 'कचौड़ी' की नहीं, 'न्याय' की है…!

जब रुपहले पर्दे पर गूंज उठा 'हनुमान चालीसा'...

पुलिस कहे, जाइए; नेता कहे, आइए; कैमरा कहे, थोड़ा मुस्कुराइए!
































