मास कम्युनिकेशन में इसे सहभागी संचार की दृष्टि से देखा जा सकता है। मोदी की संचार शैली केवल तत्काल संकटों तक सीमित नहीं रही। बाद में यही तकनीक दीर्घकालीन लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल हुई।

दुनिया के भुगतान परिदृश्य में यूपीआई से आया बड़ा बदलाव

बादल, कंप्यूटर और पवित्र अग्नि : दोमुखी यथार्थवाद में जी रहा है भारत...

यूपीआई के रूप में डिजिटल भुगतान क्रांति का पूरा हुआ एक दशक

शेखावाटी के मारवाड़ियों ने ऐसे खड़े किए भारत के कारोबारी साम्राज्य...

जंतर-मंतर से उठी आवाज पहुंच रही है यूपी के गांवों तक...






























