दूर से ट्रेन की सीटी सुनाई देती है। चार लड़के मुस्कराते हुए मोबाइल कैमरे की तरफ देखते हैं। एक लड़का हाथ और आगे बढ़ाता है ताकि “परफेक्ट सेल्फी” आ सके। अगले ही पल तेज रफ्तार ट्रेन उन्हें…

जब सबसे बड़ा लोकतंत्र बन जाए एक खुला रंगमंच...

दो हारने वालों की कहानी : एक ने हार पचाई, दूसरे ने हार से की लड़ाई

कल के सितारों ने बनाई थी भारतीय सिनेमा की रूह

बीहड़ों की धूल, बंदूकों की गूंज और आत्मसमर्पण की आहट

पूंजीवाद के ‘कुरूप’ चेहरे के रूप में उभर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप































