यदि नाना पाटेकर को सही में समझना हो तो शायद उनके पुरस्कारों, फिल्मों और यादगार संवादों की सूची से शुरुआत नहीं करनी चाहिए। उन्हें समझने का बेहतर रास्ता उनके जीवन को देखने से निकलता है। एक ऐसा जीवन जिसमें…

हरित आंदोलन का हरा चश्मा और आगरा की धुंधली तस्वीर

नदियों के पानी की लहरों में छिपा है यूरोप का दिल!

शब्दों की मर्यादा और अदालतों की गरिमा...

तेजी से उभर रहा है भारत का सुपरकंप्यूटिंग परितंत्र...

‘भगवा चोले’ से ‘विकास की दौड़’ तक उत्तर प्रदेश...
































