एक तरफ़ देश में एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और डिजिटल क्रांति की नई इबारत लिखी जा रही है। दूसरी तरफ़ समाज का एक बड़ा हिस्सा अब भी सदियों पुराने पूर्वाग्रहों और सामंती सोच की जंजीरों में जकड़ा हुआ…

तेजी से उभर रहा है भारत का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम

बच्चों से बोला जाने वाला वह दो महीने का सबसे प्यारा ‘झूठ’…

युद्ध खत्म, लेकिन मानसूनी बारिश गड़बड़ाने का हिसाब कौन चुकाएगा?

घट गए इंसां, बढ़ गए साए; तमीज़ हार रही है, रसूख जीत रहा है!

एक दर्दनाक फैसले ने यूं भारत की सभ्यतागत धारा को बचाए रखा...
































